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एक सफल नेता बनने के लिए किसी व्यक्ति को न केवल बढि़या काम करना जरूरी है, बल्कि उसके साथ में एक प्रभावशाली वक्ता होना भी आवश्यक है। सफल नेताओं को अपने फैसलों और शब्दों, दोनों पर पूरा विश्वास होता है। मानव मनोविज्ञान की गहन समझ डेल कारनेगी को अपने पाठकों को जीवन में एक सही और फलदायी विकल्प चुनने में पथ-प्रदर्शन में सक्षम बनाती है।
यह पुस्तक ‘‘लोक व्यवहार ः प्रभावशाली व्यक्तित्व की कला’’ पाठकों को जिज्ञासोत्तेजक वक्तव्य की कला सिखाते हुए उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनने में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाती है।


From the Publisher

Lok Vyavahar By Dale Carnegie

Lok Vyavahar By Dale CarnegieLok Vyavahar By Dale Carnegie

मानव मनोविज्ञान की गहन समझ डेल कारनेगी को अपने पाठकों को जीवन में एक सही और फलदायी विकल्प चुनने में पथ-प्रदर्शन में सक्षम बनाती है।

एक सफल नेता बनने के लिए किसी व्यक्ति को न केवल बढि़या काम करना जरूरी है, बल्कि उसके साथ में एक प्रभावशाली वक्ता होना भी आवश्यक है। सफल नेताओं को अपने फैसलों और शब्दों, दोनों पर पूरा विश्वास होता है। मानव मनोविज्ञान की गहन समझ डेल कारनेगी को अपने पाठकों को जीवन में एक सही और फलदायी विकल्प चुनने में पथ-प्रदर्शन में सक्षम बनाती है।
यह पुस्तक ‘‘लोक व्यवहारः प्रभावशाली व्यक्तित्व की कला’’ पाठकों को जिज्ञासोत्तेजक वक्तव्य की कला सिखाते हुए उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनने में महत्तवपूर्ण भूमिका निभाती है।

अनुक्रम

पुस्तक-परिचय
लोक व्यवहार के सामान्य नियम
इस पुस्तक से अधिकाधिक लाभ लेने के तरीके
पुस्तक को कैसे पढ़ें?
आलोचना से बचें, इससे सुधार नहीं होता
सच्ची तारीफ करें और कामयाबी को चूमें
सामनेवाले की बातों को महत्त्व देना सीखें
गरमजोशी से स्वागत करें और सच्ची दिलचस्पी जगाएँ
मुसकान बिखेरें और अपना बनाएँ
नाम में बहुत कुछ रखा है
धैर्य के साथ दिलचस्पी से लोगों को सुनें
मनपसंद बातों से मन जीतें
तारीफ का प्रयोग जादुई छड़ी की तरह करें
बहस छोड़ें और लोगों को बोलने दें
अपनी कमियों को खुले दिल से स्वीकारना सीखें
पराजय से निकालें विजय का सूत्र
विरोधियों को पक्षधर बनाना कितना आसान
‘नहीं’ को ‘हाँ’ में बदलने के प्रयोग
ज्यादा बोलने से नहीं, सुनने से बात बनती है
सहयोग पाने के लिए सहयोग करना जरूरी
नाटकीयता की व्यावहारिकता को समझें
गलतियाँ निकालने से पहले अच्छाइयाँ गिनाएँ
आदेश से अधिक कारगर होती है सलाह
बदलाव मुश्किल है, नामुमकिन नहीं

Dale CarnegieDale Carnegie

डेल कारनेगी

डेल कार्नेगी (24 नवंबर, 1888-1 नवंबर, 1955)

विश्व-प्रसिद्ध अमेरिकी लेखक एवं व्याख्यानकर्ता, जिन्होंने व्यक्तित्व विकास, सेल्समैनशिप प्रशिक्षण, कॉरपोरेट ट्रेनिंग, सार्वजनिक भाषण कला तथा आत्मविकास के विभिन्न कोर्स प्रारंभ किए, जो अत्यंत लोकप्रिय हुए।
उनकी पहली पुस्तक ‘हाउ टु विन फ्रेंड्स ऐंड इन्फ्लुएंस पीपल’ 1936 में प्रकाशित हुई, जिसे जबरदस्त सफलता मिली और वह अंतरराष्ट्रीय बेस्टसेलर पुस्तक बनी तथा आज तक बनी हुई है।
उन्होंने अब्राहम लिंकन की एक जीवनी ‘लिंकन : दि अननोन’ के अलावा कई अन्य बेस्टसेलर पुस्तकें लिखी हैं।

डेल कारनेगी द्वारा लिखी लोकप्रिय पुस्तकें

चिंता छोड़ो सुख से जियो

लोक व्यवहार

अच्छा बोलने की कला और कामयाबी

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